कई लोगों ने हमसे पूछा था कि वाकई में ऐसी कोई गोल्डफील्ड मौजूद है भी या नहीं या यह सिर्फ एक कल्पना मात्र है हम आपको बता दें जी हां सदियों से लेकर आज तक कोलार गोल्ड फील्ड मौजूद है और हम आपको बताएंगे कोलार गोल्ड फील्ड से जुड़े रियल और दिलचस्प है जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाओगे।


सुपरहिट फिल्म को आपने जरूर देखा होगा इस फिल्म की कहानी कोलार खदान के इर्द-गिर्द घूमती है।

Brief history of के जी एफ
History of Kgf in Hindi- के जी एफ  इतिहास

कर्नाटक के बेंगलुरु से लगभग 100 किलोमीटर दूर कोलार गोल्ड फील्ड की सोने की खान है और भारत को भरपूर गोल्ड फील्ड में बहुत से शासक देखें ऐतिहासिक उल्लेख बताते हैं कि यहां प्रथम शताब्दी ईस्वी से ही अलग-अलग समय में सोने की खुदाई होती रही है पहले गंगा फिर 900 ईसवी से 1000 के बीच चोला साम्राज्य टेल मी और सोलवीं सदी तक विजयनगर साम्राज्य फिर मराठा से लेकर हैदराबाद के निजाम और हैदर अली का शासन सम्मिलित है उसके बाद अंग्रेज शासकों ने भी कोलार की खानों से सोना निकाला सदियों तक कीजिए स्थित दक्षिण भारत के शासकों को भारी मात्रा में धन की प्राप्ति हुई यह भारत के सबसे गहरे खदानों से एक थी जहां मिश्री और 1990 के दशकों में धरती की सतह से 3 किलोमीटर नीचे खुदाई होती थी केवल दक्षिण अफ्रीका के इससे ज्यादा गहरी है ।

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उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में ब्रिटिश कंपनी जॉन टेलर ने खुदाई कार्य का जिम्मा लिया और बड़ी-बड़ी मशीनें लगाई गई को चलाने के लिए बिजली की जरूरत थी और 1902 के दशक में इस खदान में बिजली आ गई तब सिर्फ एशिया में जापान की टोकियो शहर में ही बिजली हुआ करती थी यहां भारत का पहला और सबसे पुराना हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट है जिसका नाम कावेरी इलेक्ट्रिक पावर प्लांट रखा गया प्लांट से बिजली का उत्पादन होना शुरू हुआ तो वह जरूरत से ज्यादा था इसलिए उसकी बिजली को आसपास के शहरों को दिया गया और यह देश का पहला शहर बना जहां बिजली मिली ।
इतनी अधिक गहराई में खुदाई के लिए और विशेष उपकरण की आवश्यकता होती है इसलिए 1940 के दशक में लगाया गया ब्रिटिश शासन में ब्रिटिश और इंडियन रहा करते थे क्योंकि यहां का रहन सहन और वातावरण मिलता था है ।
जो ब्रिटिश है उनका जन्म भारत में हुआ भारत की आजादी के बाद में खदानों का राष्ट्रीयकरण हो गया। 1970 में भारत का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया लेकिन शुरुआत में सफलता पाने के बाद भारी भरकम स्टाफ सहित कई कारणों के चलते कंपनी का फायदा चला गया और स्थिति यह हो गई कि घोषित कर दिया के स्टाफ को 8800 से 3500 कर दिया गया लेकिन बात नहीं बनी ।

New Kgf gold mining policy-के जी एफ

नरेंद्र मोदी सरकार ने घोषणा की है कि प्रतिभा शहर की शक्ल में है  एक बार दोबारा खुल सकता है माना जाता है कि कोलार में अभी भी काफी सुना मौजूद है अब सोने की कीमत की तुलना में सोने की कीमत 5 गुना बढ़ गई है इसलिए भी अहम है कि देश में लगातार बढ़ने की मांग का कुछ ऐसा हो सकता है कुछ कम हो जाएगा।

बीमारीयॉ के जी एफ

 खुदाई में निकले मलबे को 30 मीटर की गई है इसके कारण इस पर पौधे नहीं रहे यह पहाड़ी शहर और खदानों का एक लुभावना दृष्टि प्रदान करती है । एक बीमारी पार्टिकुलेट मैटर के कारण होती है यह बीमारी पहली बार  पहचान गई थी इस खदान से कुछ दूरी पर स्थित है जहां भगवान भोलेनाथ का एक विशाल शिवलिंग है।
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